दोस्तों , स्वागत है आपका अपने ब्लॉग #आपकी उड़ान# पर
दोस्तों हम चर्चा कर रहे थे---- सफलता कैसे प्राप्त कर सकते हैं ?
पिछले ब्लॉग में हमने बात की थी सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारण की | इससे आगे बढ़ाते हुए हम चर्चा करने वाले हैं
आत्मविश्वास क्या है ?
#सफल होने के लिए आत्मविश्वास की क्या भूमिका है ?
#हमें आत्मविश्वास क्यों रखना चाहिए ?
#हमारे दैनिक जीवन में आत्मविश्वास का क्या महत्व है ?
- दोस्तों हमें स्कूल से ही पढ़ाया जाता है कि आत्मविश्वास बहुत जरूरी है और यह भी बताया जाता है कि क्यों जरूरी है उस समय अधिकांश विद्यार्थी इस पर ध्यान नहीं देते लेकिन जैसे-जैसे जीवन में जिम्मेदारी बढ़ती है वैसे ही आत्मविश्वास का महत्व भी समझ में आता जाता है और जिसने स्कूली जीवन से ही आत्मविश्वास को अपने जीवन का मुख्य गुण बना लिया उसी का जीवन सफल है, संयमित है, सुख शांति से चलने वाला है अब हम आगे बढ़ते हुए सबसे पहले यह जानेंगे कि -
👉 आत्मविश्वास क्या है ?
- आत्मविश्वास का सीधा सा अर्थ है ---खुद पर भरोसा रखना
दोस्तों , यदि आपको खुद पर भरोसा है तो आपको किसी दूसरे के भरोसे की कोई आवश्यकता नहीं है |इस एक शब्द में ही अपारशक्ति भरी हुई है | इसका महत्व तब समझ में आता है जब आप असंभव काम को बिना किसी की सहायता के पूरा कर देते हैं | उस स्थिति में यह और भी मजेदार हो जाता है जब आप कोई इतिहास रचने वाला काम पूरा कर देते हैं |
- आपके आसपास के लोग दांतों तले अंगुली दबा लेते हैं और कहते हैं, अरे ! इसने यह कैसे कर दिखाया परंतु लोगों को क्या मालूम कि आपके पास एक जादुई गुण है जिसका नाम है --आत्मविश्वास |
👉 आत्मविश्वास और हम
- यह हमें अंदर से ऊर्जा देता रहता है यानी हमें चार्ज करता है , हमें बूस्ट करता रहता है | चाहे काम कितना ही कठिन क्यों न हो , यह हमें उस काम को छोटा होने का एहसास कराता है |
- आत्मविश्वास सकारात्मक सोच को बढ़ाता है |
- आत्मविश्वास उत्साह भर देता है जो हमें अंदर से मोटिवेट करता है ऐसा होने पर हमारा आलस अवसाद खत्म हो जाता है |
- आत्मविश्वास हमें एक्टिव मोड में लाता है हम जो कन्ने हो जाते हैं हमारे काम जीवन प्रगति के प्रति |
- आत्म विश्वास एक ऊर्जा घर है जो हम से ऐसे काम भी करा सकता है जो हम सोच भी नहीं सकते हैं |
- यह हमारे सारे के सारे मानसिक बंधनों को चकनाचूर कर के , हमारे दिमाग को स्वतंत्र कर देता है और हमारा दिमाग खुले पन को महसूस कर तरोताजा हो जाता है और ऐसा होने पर हमारे दिमाग में नए विचारों का जन्म होता है |
- आत्मविश्वास आपको अपने साथियों से ऊपर उठाता है आपको हौसला देता है लीडर बनने की ताकत देता है आगे बढ़ने को मजबूर कर देता है |
- आत्मविश्वास सोच के दायरे को बढ़ाता है जिस कारण ज्यादा अवसर आपको मिल पाते हैं और अन्य के मुकाबले आप ज्यादा कर्म निष्ठा, श्रेष्ठ बन पाते हैं |
👉 आत्मविश्वास और समाज
जीवन के हर मोड़ पर आत्मविश्वास का बहुत ज्यादा रोल होता है हमारे समाज में भी इसकी एक अलग भूमिका है
- आत्मविश्वास के कारण आप ऐसे ऐसे काम कर सकते हैं जिन्हें अन्य लोग सोच भी नहीं सकते | ऐसा होने पर आपके चारों ओर के लोग यानी समाज, आपको एक अलग ही नजर से देखने लगते है | समाज में आपका नाम साहसी लोगों की सूची में लिखा जाता है आपको मौके दिए जाते हैं--- लीडर बनने के या किसी काम को पूरा करने के | जब भी कोई असाधारण काम हो तो आत्म विश्वासी लोगों को याद किया जाता है |
- आत्मविश्वास के कारण ही आप अपने जीवन की जिम्मेदारी को सही से निभा पाते हैं घर के सभी कामों को सही तरीके से पूरा कर पाते हैं |आपको घर और समाज में उचित सम्मान दिलाता है आपके घर वालों और खुद को अपने आप पर गर्व महसूस कराता है |
- आत्मविश्वास के कारण आप मंजिल को पाने के लिए मेहनत करते हैं और आपको मंजिल मिल जाती है तो समाज आपको अपनी पलकों पर बिठाता है, आपका सम्मान करता है |
इसीलिए दोस्तों अगर आप समाज में ऊपर उठना चाहते हैं आप चाहते हो कि समाज आपको सम्मान दें, आपके घरवाले आपको अच्छी नजरों से देखें तो सबसे पहले आप एक काम करिए --आत्म विश्वासी बनिए | अगर आप ऐसा कर पाते हैं तो आपके घर और समाज के लिए आप एक हीरो की तरह बन जाओगे |
👉 आत्मविश्वास और सफलता का क्या संबंध है ?
- जैसा कि आपने पढ़ा---- जीवन में आत्मविश्वास बहुत जरूरी है परंतु सफलता के मामले में यह बंदे का हमसफर है कारण यह है कि बिना आत्मविश्वास सफलता का सपना देखना भी गुनाह है | सफलता के लिए जीवन में ऊर्जा , जोश, उत्साह, जुनून, मोटिवेशन की जरूरत पड़ती है जिनका जन्म आत्मविश्वास के बिना नहीं हो पाता है |
- कहने का तात्पर्य यह है कि आत्मविश्वास सफलता के लिए अन्य गुणों को जन्म देता है जो सफलता की यात्रा में अपना अलग ही रोल अदा करते हैं |
- जब बंदे का साथी आगे निकल जाता है तो अंदर से हिम्मत जागती है , मानो आवाज आती है कि अरे ! तू उससे कम थोड़ी है , तू भी यह कर सकता है | यह सुनते ही बंदा जोश से भर जाता है और दुगने उत्साह से वापस सफलता की उड़ान भरने के लिए प्रयास करने लगता है |
- वह पहले से ज्यादा मेहनत करने लगता है क्योंकि यह एक चुनौती बन जाती है और आत्मविश्वास यह कहता है कि तू इस चुनौती को स्वीकार कर तू भी यह कर सकता है |
- बंदे को खुद पर भरोसा है यानी आत्मविश्वास है , जो हिम्मत जगाता है, आवेशित कर देता है और वह सपनों को साकार करने के लिए पागल (व्यस्त ) हो जाता है | यानी कदम कदम पर आत्मविश्वास एक सच्चे दोस्त की तरह बंदे का साथ निभाता है उसकी नैया पार कराता है |
- इसी प्रकार जब बंदे के सामने बाधा आती है, बाधा बंदे को रोकने का प्रयास करती है लेकिन उसका दोस्त, आत्मविश्वास बाधा पार करने के लिए बंदे को प्रेरणा देता है
दोस्तों अब आप आसानी से समझ गए हो कि आत्मविश्वास का सफलता के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के लिए क्या महत्व होता है |
👉 आत्मविश्वास और जोखिम का क्या संबंध है ?
- जोखिम आत्मविश्वास की छाया है क्योंकि जहां आत्मविश्वास है वहां जोखिम है बिना आत्मविश्वास बंदा जोखिम कभी नहीं उठाता है |
- छोटे कामों में जोखिम नहीं होता है और यदि होता है तो नहीं के बराबर होता है | अब बचे बड़े काम, इनमें जोखिम बहुत होता है जो सिर्फ आत्मविश्वासी लोग ही उठा पाते हैं बड़े कामों में ही ताकत ,पैसा ,सम्मान ,रुतबा जैसी चीजें होती है जो जोखिम उठाने वाले को मिलती है |
- यही कारण है कि बड़ा काम आत्म विश्वासी लोग ही कर पाते हैं और अपनी मंजिल तक पहुंच पाते हैं, अपने सपनों को साकार करते नजर आते हैं इसका सबसे अच्छा उदाहरण है---- एक सफल बिजनेसमैन
- एक बिजनेसमैन प्लानिंग कर प्रोजेक्ट तैयार करता है और उसमें जोखिम उठाकर निवेश करता है जो हर किसी के बस की बात नहीं है |
- यहां बिजनेसमैन का पैसा डूबेगा या उसे लाभ मिलेगा यह उसकी प्लानिंग पर निर्भर करता है इसीलिए बिजनेसमैन सिर्फ अपनी प्लानिंग के भरोसे लाखों-करोड़ों निवेश करता है और जगत में आत्म विश्वासी कहलाता है |
- ठीक ऐसी ही कहानी है उन लोगों की जो कुछ बनना चाहते हैं क्योंकि सपनों को एक-दो दिन में साकार नहीं किया जा सकता है | इनके लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है ,कठोर मेहनत करनी पड़ती है ,धैर्य रखना पड़ता है ,पैसा भी खर्च करना पड़ सकता है | यहां असफलता की संभावना ज्यादा होती है और सफलता की संभावना कम होती है फिर भी यह लोग जोखिम उठाते हैं क्योंकि ये आत्मविश्वासी है
- एक किसान जो मेहनत करके जमीन तैयार करता है उसमें बीज बोता है, फसल पकने तक बच्चों की तरह भरण पोषण करता है , इंतजार करता है | जब तक अनाज सही सलामत मंडी तक नहीं पहुंच जाता तब तक किसान जोखिम उठाता है फिर भी किसान पुत्र हर साल अनाज सब्जी फल उगाता है और सब को खिलाता है इसीलिए किसान भी आत्मविश्वासी होता है |
- self confidence एक strong emotion है जिसे महसूस किया जा सकता है | इसका सही use करके फायदा उठाया जा सकता है | पढ़े लिखे, समझदार लोग बखूबी फायदा उठाना जानते हैं | self confidence को बढ़ाकर ज्यादा से ज्यादा use लेते हैं और जीवन को सरल बनाते हैं | अपने बड़े कार्य, project , dream को इसका सहारा लेकर अंजाम तक पहुंचाते हैं self confidence हिम्मत जगाता है, हौसला बढ़ाता है , जोखिम लेने के लिए तैयार करता है , hope बनाए रखता है | यह एक ऐसा emotion है जो कई लाभ देने वाले emotion का आधार है | इसके बिना life जीने का कोई खास मतलब ही नहीं है |
- कई महान लोगों ने इसी self confidence के दम पर दुनिया जीती है क्योंकि इन लोगों की success दूर थी परंतु आत्मविश्वास यानी self confidence success मिलने की possibility बढ़ाता है जिससे ऐसे लोगों को motivation मिलता है और ये अपना success का सफर जारी रख पाते हैं | बिना self confidence life बेजान होती है |
- हमारी लाइफ एक अनमोल gift है | यह लाइफ कुछ ही समय के लिए मिलती है | इसी समय में हमें बहुत दायित्व काम पूरे करने होते हैं जो हमारा फर्ज है |सवाल यह उठता है कि जब जीवन अनमोल है तो कार्य भी मूल्यवान, प्रशंसनीय, long time effective होने चाहिए लेकिन यह बात बहुत कम लोग समझ पाते हैं और जो समझ पाते हैं वह अपने आप को महान साबित करते हैं | ऐसे लोग अपने आप में आत्मविश्वास कूट-कूट कर भर लेते हैं | हमेशा इस तरह तैयार रहते हैं कि कोई भी समस्या, कठिनाई, बाधा इन्हें डिगा नहीं सकती | यह लोग सदा खुश रहते हैं और दूसरों को भी खुश रखते हैं |
- बिना self confidence जीवन कैसा होता है ? इसका जवाब बहुत सरल है--- बिना आत्मविश्वास जीवन बेकार है | बिना आत्मविश्वास बंदे की हालत वही होती है जो बिना छड़ी के बूढ़े आदमी की होती है | हम पहले ही जान चुके हैं कि आत्मविश्वास जीवन की रीढ है |
- क्या आप क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि बिना self confidence जीवन कैसा होगा ? जिस बंदे में self confidence नहीं होता है वह हमेशा डरा रहता है छोटे से काम के लिए दूसरों का सहारा लेता है | उसे डर रहता है अपना काम पूरा नहीं होने और गलती होने का इस भयानक कमजोरी को औरों का सहारा लेकर छुपाता है | वह किसी छोटे से काम की जिम्मेदारी नहीं ले सकता है चाहे वह बाजार से सामान लाने का काम क्यों नहीं हो ? ऐसी स्थिति में घर वाले भी उसे छोटा बच्चा ही समझते हैं उन्हें लगता है-- अरे, यह तो डरपोक निकला आगे जाकर इसका क्या होगा?
- जब छोटे काम नहीं हो रहे तो बंदा लीडर कब बनेगा , कब किसी जरूरतमंद की मदद करेगा , कब जनता का लीडर बनेगा सवाल ही नहीं उठता | चाहे वह कितना ही बुद्धिमान क्यों न हो लीडरशिप, responsibilities के लिए self confidence बहुत बहुत ज्यादा जरूरी होता है |
- एक उदाहरण लेते हैं-- उस व्यक्ति का जिसमें आत्म विश्वास नहीं है लेकिन बुद्धिमान है | सबकी सहमति से बंदे को चुनाव में उतारने की कोशिश की जाती है,सारी तैयारी हो जाती है | सभी के मन में यही बात रहती है कि बंदा सब कुछ संभाल लेगा आशा लगा रखी है बंदे को जिताने की, अपना प्रतिनिधि बनाने की क्योंकि बंदा बुद्धिमान है |
- दो-चार दिन निकल जाते हैं बंदा चुनावी माहौल में रहता है परंतु आत्म विश्वास नहीं है | धीरे धीरे जन्म लेता है वह खतरनाक emotion जो अच्छे अच्छों को भीगी बिल्ली बना देता है----- यानी डर | धीरे-धीरे डर बढ़ता जा रहा है ,बंदे के हाथ पांव काँप रहे है ,स्टेज पर भाषण नहीं दे पा रहा है जबकि सबने ही उसे चुना है सब उसे अपना समझते हैं |
- इस स्थिति में बंदा कुछ भी समझ नहीं पाता है और nomination वापस ले लेता है, क्या हुआ? जनता ने बुद्धिमान समझकर अपना लीडर बनाना चाहा था पर यह क्या हुआ? कायर निकला | जनता की नजर में अपने आप को कायर बना लिया |अब बंदा घुटने लगेगा ,अपने आपको कोसेगा , तनाव महसूस करेगा पछतावा होगा लेकिन अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत |
- एक बहुत ही बढ़िया मौका गवा दिया, अपने जीवन पर धब्बा लगा लिया, सबकी नजरों में गिर गया | इसी उदाहरण में बंदा आत्मविश्वासी होता तो result यह नहीं होता वह हीरो बनने के अवसर को स्वीकार करता और अपनी कमी को confidence का सहारा लेकर दूर कर लेता |
- इस संसार की व्यवस्था जिम्मेदारी से चल रही है और जिम्मेदारी आत्मविश्वासी लेता है यानी संसार को चलाने में आत्मविश्वासी की एक महत्वपूर्ण भूमिका है |
अगर आप भी कोई जिम्मेदारी निभा पाने में समर्थ नहीं है या नई जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं तो पहले अपने आत्मविश्वास को जगाओ | मेरा वादा है---- positive result मिलेगा |
आत्मविश्वास को जगाने की बात मैंने की है लेकिन इसे जगाए कैसे, कैसे अपने आत्मविश्वास को बढ़ाएं, ऐसे कौन से काम है जिन से आत्मविश्वास बढ़ता है इन सब सवालों का जवाब आपको नीचे बताने जा रहा हूं
- आत्मविश्वास को बढ़ाने के उपाय आत्मविश्वास को बढ़ाने के उपाय बहुत है यह एक emotion है जिसे आवश्यक माहौल देकर बढ़ाया जा सकता है यहां emotion के बारे में एक फंडा हमेशा याद रखिए-- जिस इमोशन को बढ़ाना है उसी के अनुसार चारों ओर का माहौल create करो यह एक बहुत महत्वपूर्ण और याद रखने की बात है आप इस बात को अपनी नोटबुक में नोट कर लीजिए |
आत्मविश्वास को बढ़ाने के कुछ उपाय है-
- सुबह सूर्योदय से पहले उठे
- आधे घंटे तक खुली हवा में व्यायाम योग करें
- कम से कम आधा घंटा motivational videos देखें या मोटिवेशन की किताबें पढ़ें या मोटिवेशनल music सुने
- अपने उन कार्यों की सूची तैयार करें जो आज निपटाने हैं
- यदि आप नौकरी पेशा है तो अपने हुलिए को पेशे के अनुसार बनाएं समय पर बाल दाढ़ी बनाएं
- हमेशा साफ-सुथरे कपड़े पहने
- अपने ऑफिस, कंपनी, घर में सभी के साथ अच्छा व्यवहार करें
- यदि आपको बिना वजह डर लगता है तो हौसला रखें अपने आप को शांत करें
- जरूरतमंद लोगों की मदद करें, सुझाव दें
- शाम को बच्चों के साथ घूमने और खेलने का समय जरूर निकालें
- जब भी फिल्म देखने का मन हो मोटिवेशनल फिल्म देखें
- सोने से पहले कम से कम एक घंटा किताब पढ़ना ना भूले
- इसके अलावा जितने नए-नए काम रूटीन में शामिल करेंगे जितना खुश रहेंगे आत्मविश्वास उतना ही बढ़ता जाएगा
- हमेशा अखबार पढ़ें ताकि आप खबरों से update रहें
- डर को अपने ऊपर हावी ना होने दें
- जब डर की बात आ चुकी है तो हम आत्मविश्वास और डर के बीच क्या relation है यह भी जान लेते हैं
👉आत्मविश्वास और डर
- जब पूछा जाए कि आत्मविश्वास और डर के बीच में क्या संबंध है तो इसका उत्तर होगा आत्मविश्वास यानी self confidence डर का दुश्मन है | जब आत्मविश्वास बढ़ेगा तो डर अपने आप घटेगा एक बात समझ लेना की जब तक डर रहता है तब तक बंदे में आत्मविश्वास की कमी होती है | यही कारण है की अपने डर को महसूस कर आत्मविश्वास का आकलन कर सकते हैं |
- यदि बंदा कहीं भी गलत नहीं है, अपना सारा काम समय पर पूरा करता है, कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाता जिससे समाज उस पर अंगुली उठाएं फिर भी बंदा डरता है, अपने ऑफिस में डरता है, बाहर जाने से डरता है तो बंदे को जरूरत है-- आत्मविश्वास बढ़ाने की जिसके उपाय इसी आर्टिकल में दिए गए हैं |
👉 आत्मविश्वास डर को कैसे खत्म करता है ?
- आत्मविश्वास डर को खत्म करता है यह सच है जब आप भी आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय दिनचर्या में शामिल करेंगे तो आत्मविश्वास 100% बढ़ेगा और आपको ताज्जुब होगा कि आपका डर भी लगभग खत्म हो गया |सही कहा जाए तो डर का मुख्य कारण है बंदे की कमजोरियां है, बंदा अपने आप को कमजोर समझता हैं, हमेशा दूसरों से पीछे रहने का आभास होता है तब बंदा डरता है बंदे का जीवन स्तर दूसरों से नीचा है| इसलिए वह खुद को हीन, कमजोर समझता है और डरता रहता है| वह मुकाबला नहीं कर सकता,वह तैयार नहीं है इसलिए डरता है | आत्मविश्वास बंदे को मुकाबला करने की हिम्मत देता है, हौसलों को बुलंद करता है, powerful महसूस कराता है जिस कारण डर का effect कम हो जाता है |
इस बात से स्पष्ट है कि डर को खत्म करना है तो self confidence यानि आत्मविश्वास को बढ़ाना है |
जब आप में आत्मविश्वास आ जाता है या आप confident हो जाते हैं तो आपको कैसा लगता है? इसी एहसास को समझने के लिए एक पैराग्राफ दिया है|
👉आत्मविश्वास का एहसास
- जब आप आत्मविश्वास से भर जाते हैं तो आपको अलग ही अहसास होने लगता है | आपका कद बड़ा हुआ लगता है आप गर्व महसूस करते हैं आप खुश हो जाते हैं आप में एक नई जादुई पावर की शक्ति है | मानो ऐसा लगता है जैसे आप में कुछ भी कर पाने की ताकत है ,आप की कमजोरियां ताकत बन जाती है,अनोखापन महसूस होता है, दिमाग freedom feel करता है, आपका दिमाग active हो जाता है आलस, अवसाद खत्म हो जाते हैं आपकी performance कई गुना बढ़ जाती है डर खत्म हो जाता है problems , failure जैसी feelings गायब हो जाती है यह आपको बेहतर बना देता है |
- असफल लोगों के लिए वरदान है-- self confidence यह दोबारा प्रयास करने के लिए inspire करता है नई hope को जन्म देता है success की possibility बढ़ाता है |
- दोस्तों अब तक हम आत्मविश्वास के बारे में बात कर रहे थे जिसे इंग्लिश में self confidence कहते हैं |इस आर्टिकल में हमने जाना है आत्मविश्वास क्या है? आत्मविश्वास और हमारा क्या संबंध है? आत्मविश्वास और सफलता में क्या संबंध है? आत्मविश्वास और समाज का क्या संबंध है? आत्मविश्वास और जोखिम का क्या संबंध है? आत्मविश्वास डर को कैसे खत्म करता है? आत्मविश्वासी की पहचान क्या होती है ? आत्मविश्वासी कैसा महसूस करता है? आत्मविश्वास क्यों जरूरी है और इसका लाइफ में क्या रोल है?
👉overconfidence
overconfidence confidence का बदला हुआ रूप है जब कॉन्फिडेंस जरूरत से ज्यादा हो जाता है तो उसे ओवरकॉन्फिडेंस कहते हैं |
जैसा कि प्रत्येक के जीवन में कॉन्फिडेंस का बहुत बड़ा रोल होता है इसके बिना बंदे की जिंदगी में मजा नहीं रहता | हर जगह आत्मविश्वास की कमी महसूस होती है तब बंदा अंदर ही अंदर घुटन महसूस करता है | यह घुटन सहन नहीं कर सकता हो सकता है इसका अंजाम भी भुगतना पड़े |
- आत्मविश्वास बंदे का दोस्त की तरह पूरे जीवन भर साथ निभाता है इसके बिना बंदे की जिंदगी में वह मजा नहीं रहता है | जोखिम से जिंदगी बनती है,अवसर मिलते हैं, इनपुट ज्यादा होता है लेकिन यह दु:ख की बात यह है कि आत्मविश्वास के फायदे होने के साथ-साथ नुकसान भी होते हैं | जब यह अपनी limit में रहता है तो कोई दिक्कत नहीं है लेकिन जब यह overlimit हो जाता है तो इसे overconfidence कहते हैं जो बंदे की सोचने की शक्ति को कम कर देता है और उस पर हावी हो जाता है | ऐसा बंदा सोच से नहीं , जोश से काम करता है तो ऐसी condition में फायदा कम और नुकसान ज्यादा होने के chances रहते हैं |
- किसी ने सच ही कहा है कि अति नुकसान पहुंचाती है | इसलिए आत्मविश्वास भी जब आवश्यकता से ज्यादा हो जाता है तो नुकसान पहुंचा सकता है | कहने का सीधा सा मतलब है कि जीवन के खेल में आत्मविश्वास आपका दोस्त बनकर रहता है आपकी टीम का खिलाड़ी होता है लेकिन overconfidence आपकी विरोधी टीम का खिलाड़ी बन जाता है आपको इससे लड़ना ही पड़ता है अन्यथा आपको हार का सामना करना पड़ सकता है | आपकी energy , time बिना मतलब vest होते हैं ,आपका ध्यान भटक जाता है , concentrate नहीं रह पाते हैं | overconfidence अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा होता है
- इस स्थिति का जिम्मेदार बंदा खुद होता है क्योंकि आत्मविश्वास बंदे के अंदर से उपजता है | उसे अपनी limit में रहने देना चाहिए | क्या जरूरत रहती है इसे हवा देने की, वह इसे control कर सकता है । अपने दिमाग, गुणों, भावनाओं का खुद के पक्ष में उपयोग करना सीखना चाहिए।
- दोस्तों , आत्मविश्वास आपको जीवन में बहुत कुछ देता है लेकिन overconfidence उससे ज्यादा छीन सकता है | यह बात आप हमेशा याद ध्यान में रखना | अपनी सबसे बड़ी संपत्ति दिमाग का उपयोग कर आप अपने अंदर जन्म लेने वाली सभी भावनाओं को कंट्रोल कर सकते हैं | ईश्वर ने सब कुछ control रखने के लिए गजब की व्यवस्था बनाई है | यह एक बहुत बड़ा बिना मांगे मिला ईश्वर का वरदान है जिसका हमें use करना चाहिए |
- बंदे को सही दिशा दिमाग दिखाता है, decision लेने में सहायक होता है | जब overconfidence हो जाता है तब यह दिमाग को अपने control में कर लेता है, आपका control नहीं रह पाता है जो कार्य दिमाग नहीं करना चाहता था | वह overconfidence के दबाव में आकर करना ही पड़ता है |
- इस स्थिति में सही गलत का पता नहीं चलता है result का पता नहीं चलता है यहां तक कि अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है |
अतः मेरी यही सलाह है कि किसी भी प्रकार की हानि से बचने के लिए हमें overconfident नहीं होना चाहिए | अपने दिमाग का सोच समझकर use करके overconfidence को दबा देना चाहिए | अपने कार्य और निर्णय की चाबी दिमाग को ही रहने देना चाहिए |
दोस्तों ! आप डॉक्टर बनना चाहते हो या इंजीनियर, विशेषज्ञ बनना चाहते हो या उच्च अधिकारी, बिजनेसमैन बनना चाहते हो या कामयाब ! जोखिम उठाए बिना सफर तय नहीं कर सकते इसलिए खुद को तैयार करने के लिए आत्मविश्वास को जगाना होगा तभी आप सफल बन सकते हो |
दोस्तों मैं आशा करता हूं कि आपको आत्मविश्वास की पूरी कहानी समझ में आई होंगी और इससे आगे का भाग हम अगले ब्लॉक में देखेंगे |इसी प्रकार की अन्य प्रेरक, ज्ञानवर्धक, पोस्ट पढ़ने के लिए हमारे ब्लॉक पर #आपकी उड़ान# पर बने रहिए, धन्यवाद !






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