- सफलता कैसे प्राप्त कर सकते है | How get Success Life
स्वागत है आपका , आपके अपने ब्लॉग #आपकी उड़ान# पर |
दोस्तों , अगर आप भी जीवन मे कुछ अलग करना चाहते है , जीवन मे सफल होना चाहते है तो आप बिल्कुल सही जगह पर आ गए है क्योंकि यह एक ऐसा ब्लॉग है जो समर्पित है उन छात्रों को,उन लोगों को जो सफल होना चाहते है
आपके इस ब्लॉग पर मैं बताने जा रहा हूँ कि आप ''#सफलता कैसे प्राप्त कर सकते है ? ''
चलिए शुरू करते है आज के टॉपिक को---
आपने देखा होगा कि बहुत से लोगों के पास कोई काम नहीं होता है , वे इधर-ऊधर बिना काम घूमते रहते है |
कुछ लोग मेहनत भी करते है लेकिन फिर भी वही के वही रहते है | क्या आप बता सकते है ऐसा क्यों है ?
ऐसा इसलिए है क्योंकि इन लोगों की कमी है --सही दिशा नहीं होना | जिसे बचपन से हम 'लक्ष्य' , मंजिल , मुकाम कहते सुनते आए है | जब तक बंदे को लक्ष्य नहीं मिलता , जीवन का मकसद नहीं मिलता तब तक वह बिना काम भटकता रहता है | वह अपना ध्यान एक जगह नहीं कर पाता है | उसका समय 'क्या करूँ, क्या न करूँ में ही पूरा हो जाता है | मानो जैसे अँधेरे में जी रहा हो | क्या आपके पास कोई सुझाव है --बंदे के जीवन में उजाला करने का ?
इसी सवाल के जवाब के साथ शुरू होता हैं -----बंदे की सफलता का सफर |
और जवाब है--सफलता की राह का पहला कदम--लक्ष्य निर्धारण
- बंदे के काम करने और मेहनत का दायरा बन जाता है |
- दिशा मिलने के कारण ध्यान एक जगह आ जाता है
- बंदे का आत्म विश्वास बढ़ जाता है
- बंदे में नया जोश, नई विचारधारा का जन्म होता है
- कहने का मतलब है कि जिस प्रकार एक टीम के खिलाड़ी मिलकर अपनी टीम को जीताने की पूरी कोशिश करते है उसी तरह मेहनत ,ध्यान ,आत्म विश्वास , जोश ,विचार मिलकर बंदे को जीताने में जुट जाते हैं |
अब आप समझ गये होंगे कि सफल होने के लिए लक्ष्य निर्धारण का क्या रोल है ?
इसलिये दोस्तों , मेरी विनती है आपसे अगर आपने अभी तक अपने कीमती जीवन का लक्ष्य निर्धारण नहीं किया है तो जल्दी से जल्दी सोच समझकर लक्ष्य निर्धारण कर जीवन को एक नई दिशा दें |
इसी टॉपिक को आगे बढ़ाते हुए मैं आपको बताता हूँ कि सफल होने के लिए लक्ष्य निर्धारण कैसे करें ?
दोस्तों , लक्ष्य चुनते समय बहुत सावधानी रखनी चाहिए वरना मनचाहा नतीजा नहीं निकलता |
इस लंबी , संघर्ष से भरी , कठिन राह का पहला कदम जीत मिलने तक अहम रोल अदा करता है और कुछ हद तक जीतना या हारना भी यही निश्चित हो जाता है |
- उदाहरण
आपने सुना होगा कि-
- कमल ने दो साल तक इंजीनियरिंग की , बाद में छोड़ दी क्योंकि यह उसे पसंद नहीं थी | वह तो अपने पिताजी के दबाव के कारण कर रहा था |
- Conclusion
दोनों examples में सफ़लता नहीं मिली क्योंकि लक्ष्य का चुनाव सोच समझकर नहीं किया गया |
एक ने रुचि न होते हुए भी दबाव में आकर इंजीनियरिंग करना शुरू कर दिया और दो साल बाद छोड़ना ही पड़ा |
दूसरे ने उपलब्ध साधन ( पैसे ) को ध्यान में ना रखकर कंपनी शुरू कर दी और नतीजा आपको पता है |
दोनों examples हमें बताते है कि लक्ष्य निर्धारण के समय कुछ बातें याद रखनी चाहिए -
- लक्ष्य आपकी रुचि के अनुसार होना चाहिए
- लक्ष्य का चुनाव दबाव में आकर नहीं करे
- लक्ष्य के लिए मोजूद साधनों का ध्यान रखें
- लक्ष्य आपकी क्षमता , सामर्थ्य के अनुरूप होना चाहिए |
मेरे दोस्तों , आपको बहुत ही आसान भाषा में बताने का प्रयास किया है कि -
#सफल होने के लिए लक्ष्य निर्धारण का क्या रोल है ?
#सफल होने के लिए लक्ष्य निर्धारण कैसे करें ?
मैं उम्मीद करता हूँ कि आज का टॉपिक आपको समझ आया होगा | इसी तरह की ओर ज्ञानवर्द्धक, उम्मीद से भरी, प्रेरक और मोटिवेसनल post पढ़ने के लिए बने रहिए #आपकी उड़ान# के साथ !
धन्यवाद |
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